पटना के नदवां गांव में उस वक्त खेल और जोश का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब जदयू विधायक ने बिहार केसरी के नाम से मशहूर दिवंगत पहलवान विवेका की पहली पुण्यतिथि पर भव्य अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन कराया। इस आयोजन ने न सिर्फ स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पहलवानों को एक मंच पर ला खड़ा किया।
प्रतियोगिता में भारत, ईरान और जॉर्जिया समेत कई देशों के कुल 101 पहलवानों ने हिस्सा लिया। लेकिन अखाड़े में भारतीय पहलवानों का दबदबा साफ देखने को मिला। उन्होंने अपने दांव-पेंच से विदेशी खिलाड़ियों को चंद मिनटों में ही चित कर दर्शकों का दिल जीत लिया।
सबसे रोमांचक मुकाबला महाराष्ट्र के शिवा उर्फ कलुआ पहलवान और ईरान के हामिद के बीच हुआ। दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंततः शिवा ने शानदार दांव लगाकर जीत अपने नाम कर ली। वहीं, भारत के जोंटी गुर्जर ने भी ईरानी पहलवान इरफान को आसानी से हराकर खुद को कुश्ती का हीरो साबित किया। विजेता पहलवानों को एक-एक लाख रुपये नकद और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
इस भव्य आयोजन को देखने के लिए पटना और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे। देर रात तक चले मुकाबलों के दौरान पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का खास ध्यान रखा गया, जिसकी निगरानी खुद अनंत सिंह करते नजर आए।
कार्यक्रम में भोजपुरी गायक ने अपनी प्रस्तुति से माहौल को और भी जीवंत बना दिया। उनके गीतों पर दर्शकों और खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।
इस विशाल अखाड़े को तैयार करने में एक सप्ताह का समय लगा, जिसमें खास लाल मिट्टी, हल्दी और सरसों तेल का उपयोग किया गया ताकि पहलवानों को चोट से बचाया जा सके। आयोजन पर करीब 51 लाख रुपये खर्च किए गए, जिसने इसे बिहार के सबसे बड़े कुश्ती आयोजनों में शामिल कर दिया।
