भागलपुर में लगातार हो रही डूबने की घटनाओं ने इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। गंगा घाटों पर आए दिन हो रहे हादसों से लोगों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। इसी को देखते हुए जीवन रक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली भागलपुर की एकमात्र संस्था, जीवन जागृति सोसायटी ने सराहनीय पहल शुरू की है।
सोसायटी द्वारा गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग लगाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज बाबूपुर गंगा घाट पर बैरिकेडिंग लगाई गई, ताकि लोगों को गहराई का अंदाजा हो सके और वे सुरक्षित तरीके से स्नान कर सकें।
जीवन जागृति सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि उनकी संस्था “अकाल मृत्यु” को रोकने के उद्देश्य से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अकाल मृत्यु वह होती है, जब लोग बिना किसी ठोस कारण के असमय काल के ग्रास में समा जाते हैं। इससे न सिर्फ परिवार पर गहरा दुख पड़ता है, बल्कि समाज में भी भय और भ्रम का माहौल बनता है।
उन्होंने आगे कहा कि इसी समस्या को कम करने के लिए घाटों पर बैरिकेडिंग लगाई जा रही है, ताकि लोग सुरक्षित रहें। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि हादसों के बाद मुआवजा देने की बजाय पहले से सुरक्षा उपायों पर खर्च किया जाए। यदि यही राशि बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और अन्य सुरक्षा साधनों पर लगाई जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि बैरिकेडिंग से लोगों को गहराई का अंदाजा होगा और वे सतर्क रहेंगे। कुछ दिन पहले इसी घाट पर एक इंटर के छात्र और एक युवक की डूबने से मौत हो चुकी थी, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल था।
अब बैरिकेडिंग लगने के बाद लोगों को उम्मीद है कि ऐसे हादसों में कमी आएगी। चूंकि यह गंगा की मुख्य धारा है, यहां दूर-दराज से लोग स्नान करने आते हैं। ऐसे में यह पहल उनकी सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

