सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड अंतर्गत किशुनपुर पंचायत में ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने मनरेगा योजना के तहत निर्मित ‘जीविका हाट’ का विधिवत उद्घाटन किया। इस हाट के शुरू होने से क्षेत्र की जीविका दीदियों और ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार का एक सशक्त मंच मिलेगा।
यह ‘जीविका हाट’ सप्ताह में दो दिन संचालित किया जाएगा, जहां स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं सब्जियां, दैनिक उपभोग की वस्तुएं और अन्य स्थानीय उत्पादों की बिक्री करेंगी। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि महिलाओं की आय में भी वृद्धि होगी।
उद्घाटन के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह के प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और अपने उत्पादों को बेहतर तरीके से बाजार तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार और एनईपी के निदेशक पुलक कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘जीविका हाट’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अधिकारियों ने बताया कि इस हाट के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पादकों को उचित मूल्य मिल सकेगा।
ग्रामीणों में भी इस पहल को लेकर काफी उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे गांव में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बाजार की सुविधा भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी।
कुल मिलाकर, ‘जीविका हाट’ का यह उद्घाटन सहरसा जिले में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
