सहरसा जिले के बनमा ईटहरी थाना की थानाध्यक्ष खुशबू कुमारी पर सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ कार्यालय में कर्मचारियों को धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। विवाद उस समय उत्पन्न हुआ जब किसी मामले की अंतिम रिपोर्ट को लेकर बात चली, और थानाध्यक्ष ने गुस्से में कहा, “सबको बर्बाद कर दूंगी, मेरा भाई भी बैतिया में डीएसपी है।”
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद सहरसा के एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष खुशबू कुमारी को लाइन हाजिर कर दिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी किए।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि घटना के समय एसडीपीओ कार्यालय में मौजूद कर्मचारी भयभीत हो गए। उनका कहना है कि इस तरह की धमकी से कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया और कर्मचारियों का मनोबल गिरा।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और त्वरित होगी। एसपी ने कहा कि पुलिस व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखना सर्वोपरि है, और किसी भी स्तर पर धमकाना या अधिकार का दुरुपयोग कतई स्वीकार्य नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों के इस तरह के व्यवहार से विभाग की छवि और कर्मचारियों के भरोसे पर असर पड़ता है। ऐसे मामलों में समय पर सख्त कार्रवाई करना आवश्यक है।
जांच पूरी होने के बाद थानाध्यक्ष पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना ने जिले में पुलिस प्रशासन की अनुशासनात्मक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम जनता व कर्मचारियों की निगाहें अब इस मामले पर टिकी हैं।
पुलिस प्रशासन ने दोहराया कि कानून और अनुशासन से ऊपर कोई नहीं है, और किसी को धमकाने या अधिकार का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
