भागलपुर के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना से महज एक किलोमीटर दूर स्थित बुढ़िया नदी क्षेत्र को अवैध बालू कारोबार का “सेफजोन” बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां रात भर ट्रैक्टर, ट्रक और लोडर के जरिए बालू का अवैध उठाव और डंपिंग की जाती है, जिससे मशीनों के शोर के कारण लोगों की नींद तक हराम हो गई है।
बताया जा रहा है कि करीब आठ दिन पहले किसी अज्ञात व्यक्ति ने जिले के वरीय अधिकारियों को इस अवैध खनन की गुप्त सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने दबाव में आकर एक ट्रक जब्त तो किया, लेकिन जांच के नाम पर उसे छोड़ देने का आरोप भी सामने आया है।
इसी बीच आरोप है कि इस शिकायत से नाराज दारोगा विकास यादव ने बुढ़िया नदी के पास रहने वाले पवन यादव को शक के आधार पर निशाना बनाया। 13 मार्च की शाम दारोगा अपने दो-तीन सिपाहियों के साथ सादे लिवास में पवन यादव के घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल और नकदी भी छीन ली गई।
वहीं, जब पवन यादव के बड़े भाई कन्हैया यादव ने विरोध किया तो पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई। कन्हैया यादव, जो पेशे से रिक्शा चालक हैं, का आरोप है कि थाने में उनकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उनके दाहिने हाथ की दो उंगलियां टूट गईं। उन्होंने बताया कि उनसे लगातार अवैध खनन की शिकायत को लेकर पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित किया गया।
14 मार्च को उन्हें एसडीओ कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जमानत मिलने के बाद उनका इलाज जगदीशपुर अस्पताल में कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें मायागंज अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
परिजनों का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए पुलिसकर्मी के सहयोगी ने 15 हजार रुपये की अवैध वसूली भी की। घटना के बाद इलाके में आक्रोश है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
