धनबाद स्थित आईआईटी (आईएसएम) में ‘इन्वेनटिव 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ, जो भारत की इनोवेशन्स को वैश्विक मंच देने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। यह आयोजन ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के लिए एक प्रमुख नेशनल फीडर प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रहा है, जिसका उद्देश्य देश के रिसर्च को स्केलेबल और मार्केट-रेडी टेक्नोलॉजी में बदलना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस दौरान अथर शाहाब, वैशाली निगम सिन्हा, संदीप कुमार और डॉ. सुनील के. बर्नवाल जैसे प्रमुख उद्योग और नीति जगत के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने इनोवेशन आधारित विकास, सस्टेनेबिलिटी और एकेडेमिया-इंडस्ट्री सहयोग पर जोर दिया।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इसे भारत के इनोवेशन-ड्रिवन भविष्य का एक परिवर्तनकारी मंच बताया। उन्होंने कहा कि रिसर्च को समाज और उद्योग के लिए उपयोगी समाधान में बदलना समय की मांग है और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य अब दूर नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान एक हाई-लेवल राउंडटेबल का भी आयोजन हुआ, जिसमें आईआईटी, एनआईटी और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ इंडस्ट्री लीडर्स और निवेशकों ने भाग लिया। इसमें टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइजेशन, फंडिंग और ग्लोबल पार्टनरशिप जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस मौके पर दो महत्वपूर्ण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी उद्घाटन किया गया, जो क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर फोकस करेंगे। सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर और मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों को भी प्रमुखता दी गई।
राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने में देश के युवा अहम भूमिका निभा रहे हैं और भारत जल्द ही वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छुएगा।
रिपोर्टर – Nitish Kumar, धनबाद
