तेलंगाना की राजधानी रेजिडेंट अब तेजी से एक ग्लोबल सिनेमा हब के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर अब जहां-जहां पहुंच गया है, वहां-वहां हॉलीवुड फिल्में भी देखने को मिल रही हैं। यह उन्होंने माधापुर में भव्य ‘तेलंगाना गद्दार बात फिल्म स्टार्स’ (टीजीएफए) समारोह के दौरान आयोजित किया।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एकदम सही है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद अब सिर्फ आईटी, कॉमर्स या बिरयानी के लिए नहीं, बल्कि एक मजबूत “सिनेमा हब” के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उनका मानना है कि आने वाले समय में पूरा भारतीय फिल्म उद्योग यहां एक ही छत के नीचे काम करता नजर आता है।
शहर के सुरक्षित और निवेशक-अनुकूल मराठा का ज़िक्र करते हुए रेवंत रेड्डी ने बताया कि के निवेशक भी यहां निवेश दिखा रहे हैं।
फ़िल्म इंडस्ट्री के इतिहास को याद करते हुए उन्होंने और उनके योगदान को स्थापित किया, 44 फ़िल्म इंडस्ट्री को चेन्नई से हैदराबाद शिफ्ट करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहां-कहां के प्रयास को भी बताया।
उन्होंने कहा कि संस्थान की तरह फिल्म उद्योग को भी एक ही जगह पर संपूर्ण फिल्म निर्माण की सुविधा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि काफी समय पहले बंद ‘नंदी स्टोर्स’ को अब ‘गद्दार स्टोर्स’ के रूप में फिर से शुरू किया गया है। इस नाम के सम्मान में तेलंगाना आंदोलन और सामाजिक न्याय की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई थी।
उन्होंने कहा कि सिनेमा एक शक्तिशाली माध्यम है, जो समाज को दिशा दे सकता है। इस फिल्म को सामाजिक मनोवैज्ञानिक पर आधारित और सामग्री सामग्री बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
फोटोग्राफर ने यह भी कहा कि गद्दार केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक समान हैं।
यह समारोह न केवल कलाकारों को सम्मानित करने का मंच बना, बल्कि हैदराबाद को वैश्विक फिल्म नगरी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हुआ।
