आज के दौर में पढ़े-लिखे नौकरीपेशा और कारोबारी लोग ऐसे शहर की तलाश में रहते हैं, जहां उन्हें बेहतर रोजगार के साथ-साथ सुकून भरी जिंदगी भी मिल सके। एक आदर्श शहर वही माना जाता है, जहां काम के पर्याप्त अवसर हों, आवागमन आसान हो, वातावरण स्वच्छ हो और सांस्कृतिक विविधता भी मौजूद हो।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए UnboxingBLR संस्था की ‘We Are City 2026’ रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मोतियों का शहर देश का सबसे रहने योग्य शहर बनकर उभरा है। यह शहर न सिर्फ तेजी से शहरी विकास कर रहा है, बल्कि रोजगार, उपभोग और परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी अन्य शहरों के लिए उदाहरण बन रहा है। आधुनिक सुविधाओं और संतुलित जीवनशैली का बेहतर मेल यहां देखने को मिलता है।
अगर वैश्विक स्तर की बात करें, तो ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2025 में को दुनिया का सबसे रहने योग्य शहर बताया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि, स्थिरता, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे मानकों पर कोपेनहेगन को पूर्ण अंक मिले हैं।
‘We Are City 2026’ रिपोर्ट में शहरों की रैंकिंग आवागमन, विविधता, घूमने-फिरने की सुविधा, आवास, बुनियादी ढांचा और मौसम जैसे मापदंडों के आधार पर की गई। इन सभी पहलुओं में संतुलन बनाते हुए हैदराबाद ने पहला स्थान हासिल किया।
रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे स्थान पर , तीसरे पर , चौथे पर , पांचवें पर , छठे पर और सातवें स्थान पर रहे। वहीं इस सूची में सबसे नीचे रहा।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट यह दर्शाती है कि किसी शहर को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ रोजगार ही नहीं, बल्कि मजबूत बुनियादी ढांचा, स्वच्छ वातावरण और संतुलित जीवनशैली भी बेहद जरूरी है—और इन सभी मानकों पर फिलहाल हैदराबाद सबसे आगे है।
