पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल से एक बेहद चौंकाने वाली और मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां बाल शनि धाम मंदिर के पास स्थित सीढ़ी घाट पर एक महिला को अपने ही दो माह के मासूम बच्चे को बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह महिला पिछले कुछ महीनों से लगातार सीढ़ी घाट पर स्नान के लिए आती-जाती थी और हाल के दिनों में दयाचक आश्रय स्थल में रह रही थी। महिला की पहचान भगवतीपुर करमौर की निवासी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह पारिवारिक विवाद के कारण अपने दो महीने के बच्चे के साथ घर से बाहर रह रही थी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बाल शनि धाम मंदिर के पुजारी को महिला की गतिविधियों पर शक हुआ। पुजारी के अनुसार, महिला ने अपने बच्चे का सौदा पहले ₹50,000 में एक स्थानीय महिला के साथ तय किया था। बाद में वह इसे घटाकर ₹25,000 में बेचने के लिए भी तैयार हो गई थी।
घटना के दिन जब महिला मंदिर परिसर के पास बच्चे को बेचने के लिए बातचीत कर रही थी, तभी पुजारी ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बाढ़ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। सबसे अहम सवाल यह है कि क्या वह बच्चा वास्तव में उसी महिला का है या फिर कहीं से चोरी किया गया है। इसके अलावा इस घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
इस घटना ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या गरीबी और पारिवारिक विवाद इतनी बड़ी वजह बन सकते हैं कि कोई मां अपने ही बच्चे को बेचने पर मजबूर हो जाए? फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
