Dehradun-हरिद्वार हाईवे पर स्थित Lachhiwala Toll Plaza पर उस समय हड़कंप मच गया, जब टोल मांगने पर कार सवार अराजक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया। यह सनसनीखेज घटना मंगलवार की बताई जा रही है, जिसने टोल कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार की ओर से कई कारों में सवार कुछ युवक लच्छीवाला टोल प्लाजा पर पहुंचे। शुरुआत में कुछ वाहन बिना किसी विवाद के निकल गए, लेकिन पीछे आ रही एक कार के चालक ने टोल देने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर टोल कर्मचारियों और कार सवार युवकों के बीच विवाद शुरू हो गया।
टोल प्रबंधक मनीष नेगी द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, कार में सवार युवकों ने टोल प्लाजा पर तैनात एक महिला कर्मचारी के साथ अभद्रता करनी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख मनीष नेगी और दूसरे प्रबंधक प्रभाकर सिंह मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने की कोशिश की।
इसी दौरान प्रभाकर सिंह ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड करना शुरू किया। यह देखकर कार सवार युवक भड़क उठे और उन्होंने प्रभाकर सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कार सवार युवकों ने अपने आगे निकल चुके साथियों को भी फोन कर वापस बुला लिया। कुछ ही देर में करीब 25 से 30 लोग कई गाड़ियों से उतरकर टोल प्लाजा पर पहुंच गए और कर्मचारियों पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने बेल्ट और लोहे के औजारों से टोल कर्मियों की बेरहमी से पिटाई की, जिससे कई लोग घायल हो गए।
हमले के दौरान अराजक तत्वों ने टोल प्लाजा पर जमकर तोड़फोड़ भी की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। आरोपियों ने टोल का बैरियर जबरन उठा दिया, जिसके बाद करीब आधे घंटे तक वहां से गुजरने वाले वाहनों से कोई टोल नहीं लिया गया। इस दौरान कई वाहन बिना शुल्क दिए ही निकलते रहे, जिससे राजस्व का भी नुकसान हुआ।
इतना ही नहीं, हमलावरों ने टोल मैनेजर का मोबाइल फोन भी छीन लिया और उसमें रिकॉर्ड किया गया वीडियो जबरन डिलीट करवा दिया, ताकि उनके खिलाफ कोई सबूत न बच सके। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसे अब पुलिस खंगाल रही है।
मामले की जानकारी मिलते ही Doiwala थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। कोतवाल प्रदीप राणा के अनुसार, टोल प्रबंधन की तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए हमलावरों की पहचान करने में जुटी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे टोल कर्मियों में भय का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
