भागलपुर जिले में औद्योगिक विकास को सशक्त बनाने, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और स्टार्टअप उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को समीक्षा भवन में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्योग, स्टार्टअप, निर्यात और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि उद्यमियों के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि भागलपुर उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सके। उन्होंने जिले के पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ नवाचार आधारित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी ने एक ‘डेडिकेटेड कंसल्टेंट सेल’ के गठन का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजने का निर्देश दिया। यह सेल स्थानीय उद्यमियों और स्टार्टअप्स को इंटरनेशनल मार्केटिंग, एक्सपोर्ट डॉक्यूमेंटेशन, क्वालिटी सर्टिफिकेशन और वैश्विक व्यापार प्रक्रियाओं से जुड़ा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।
बैठक में मत्स्य पालन क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे स्टार्टअप्स के साथ टाई-अप कर आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दें, ताकि इसका लाभ स्थानीय मछुआरों और उद्यमियों तक पहुंच सके। वहीं STEPI स्टार्टअप्स द्वारा उठाई गई लगातार बिजली कटौती की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर जीएम डीआईसी खुशबू, प्रोजेक्ट मैनेजरों और IEO टीम द्वारा जिले में औद्योगिक विकास, स्टार्टअप्स की वर्तमान स्थिति और निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। जिलाधिकारी ने स्टार्टअप उद्यमियों से सीधे संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), पीडी (DRDA) सुधीर कुमार, एडीएम (PGRO) धीरेंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।
