गया में रामनवमी को लेकर इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला पुलिस ने त्योहार से पहले ही बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले दो दिनों में 400 डीजे जब्त किए हैं। वहीं, दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सैकड़ों लोगों से बाउंड पेपर भरवाए गए हैं। असामाजिक तत्वों पर पुलिस की विशेष नजर है।
जिले में 5000 से अधिक पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बिना वीडियोग्राफी के कोई भी जुलूस नहीं निकलेगा। मजिस्ट्रेट की निगरानी में सभी शोभायात्राएं आयोजित होंगी। हाल ही में बाराचट्टी प्रखंड के सिताचक गांव में लाउडस्पीकर को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों के 7 लोग घायल हो गए थे। हालांकि पुलिस की तत्परता से हालात अब सामान्य हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि पूरे जिले में ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और वॉच टावर के जरिए निगरानी रखी जा रही है। जुलूस मार्गों का पहले ही निरीक्षण किया जा चुका है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन से घरों की छतों की भी जांच की जा रही है, ताकि कहीं पत्थर या अन्य संदिग्ध सामग्री जमा न हो।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई भी जुलूस बिना पुलिस सुरक्षा के न निकले। सभी थाना अध्यक्ष और एसडीपीओ को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। शांति समिति के सदस्यों और आयोजकों से अपील की गई है कि तय मार्ग और समय का पालन करें तथा डीजे या भड़काऊ गाने न बजाएं।
गया में दो दिनों तक शोभायात्रा निकालने की परंपरा है। 26 मार्च को शहर सहित बेलागंज और वजीरगंज में जुलूस निकलेगा, जबकि 27 मार्च को शेरघाटी अनुमंडल में शोभायात्रा आयोजित होगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि रामनवमी शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो।
