रांची: बिहार विधानसभा में प्रतिद्वंद्वी और (राजद) के वरिष्ठ नेताओं का आगामी 5 अप्रैल को दौरा होगा। इस दौरान वे पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रदेश, जिला, महानगर और विभिन्न बाजारों के पंजीकरण और सामग्री के साथ बैठक करेंगे। प्रोग्राम में रणनीतिक रणनीति पर चर्चा के साथ-साथ आने वाले समय में पार्टी की चुनौती को तेज करने की सलाह भी तय की जाएगी।
यह जानकारी राजद की प्रदेश महासभा की बैठक में दी गई है। बैठक में नेताओं ने झारखंड में पार्टी के जनाधार को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। नेताओं ने राज्य और देश में जल्द ही जातीय समानता की मांग शुरू की और इसे सामाजिक न्याय के लिए जरूरी बताया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के लिए हर महीने जिलावार सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे। इन सम्मेलनों में पार्टी के मंत्री, विधायक और अन्य वरिष्ठ लोग शामिल होंगे और संगठनों के साथ संवाद कर संगठन को मजबूत बनाने की नीति बनाएंगे।
इसके अलावा पार्टी की कोर कमेटी की बैठक 17 मार्च को शाम 5 बजे आयोजित कर निर्णय लिया गया है. यह बैठक राजद नेता दल के नेताओं के सरकारी आवास पर होगी, जिसमें स्टूडियो पोर्टफोलियो और आगामी कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
राजद नेताओं ने यह भी निर्णय लिया कि राज्य के 24 अजाघरों में पंचायत स्तर तक “लालू-तेजस्वी रथ” का संचालन किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से पार्टी के संस्थापक और युवा यादवों के समुदाय और पार्टी के कार्यक्रम को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
इस बैठक में प्रदेश पंचायत के अध्यक्ष ने कहा। बैठक में मंत्री संजय प्रसाद यादव, प्रतिपक्ष नरेश सिंह, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, पूर्व सलाहकार गौतम सागर राणा, सुभाष प्रसाद यादव, प्रवक्ता कैलाश यादव और डॉ. मनोज सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन युवा सहयोगी अध्यक्ष रंजन यादव ने किया।
