सहरसा जिले के महिषी अंचल में इन दिनों जमीन विवाद को लेकर हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। एक ओर बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा जमीन से जुड़े मामलों को जल्द सुलझाने के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिषी के अंचल अधिकारी संजय कुमार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अंचल कार्यालय में बिना पैसे दिए कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती। आरोप है कि हर कागज, हर प्रक्रिया के लिए खुलेआम रिश्वत की मांग की जाती है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि जो पक्ष पैसे देता है, उसी के पक्ष में कागजों की पुष्टि कर दी जाती है, भले ही जमीन वास्तव में उसकी हो या नहीं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंचल अधिकारी जमीन विवाद को सुलझाने के बजाय और उलझा देते हैं। इससे गांवों में तनाव बढ़ता है और कई बार ये विवाद झड़प और आपराधिक घटनाओं में बदल जाते हैं। लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश है और वे प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वहीं, प्रखंड प्रमुख मोहम्मद रियाज आलम ने भी इस पूरे मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण लगातार अंचल अधिकारी की शिकायत लेकर उनके पास पहुंचते हैं। उन्होंने कई बार अंचल अधिकारी से संपर्क करने और मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मोहम्मद रियाज आलम ने हमारे संवाददाता से बातचीत में कहा कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि खबर सामने आने के बाद क्या जिला प्रशासन और वरीय अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर ग्रामीणों की शिकायतें यूं ही अनसुनी रह जाएंगी। फिलहाल सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
