बिहार के वैशाली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की टीम पर हमला किया गया। इस घटना में एक महिला सब-इंस्पेक्टर समेत तीन लोग घायल हो गए। सभी पीड़ितों को तुरंत बिहार शरीफ के स्थानीय मॉडल अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
यह मामला पूरा बिहार शरीफ थाना क्षेत्र के टिकुली जनजाति का है। मिली जानकारी के अनुसार गुजरात पुलिस और बिहार पुलिस की संयुक्त एक पुरानी हत्या के मामले में टीम ने छापेमारी की थी। यह मामला वर्ष 1999 का है, जो गुजरात के सूरत जिले के पेंजेसरा थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। आरोप है कि उस समय राजेश यादव मठवासी थे, जहां किसी विवाद के दौरान उन्होंने इंद्रदेव मठाधीश की हत्या कर दी थी।
कई सालों से चल रहे थे नाबालिग राजेश यादव के बिहार सरफराज में होने वाली गुप्त सूचना पुलिस को मिली थी। इसी आधार पर देर रात पुलिस टीम ने उसकी संपत्ति पर लोकेशन दी। बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस ने रॉकेट दागने की कोशिश की, तो उसका विरोध शुरू हो गया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। फैज़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिससे मैके पर डकैती मच गई और तीन ऑर्केस्ट्रा सदस्य घायल हो गए।
हालाँकि, इस सार्वजनिक के बावजूद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य उपभोक्ता राजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही उनकी पत्नी, एक बेटी और एक बेटे को भी हिरासत में ले लिया गया है। ग़रीब के बाद गुजरात पुलिस मवेशियों को अपने साथ लेकर अस्त्र हो जाता है।
इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने रोक लगा दी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बिहार की एएसआइ आका कुमारी ने बताया कि उनके हॉस्टल पुलिस के सहयोग से उनके द्वारा किए गए अपराध की जांच की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
