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भागलपुर, बिहार – कृषि के क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भागलपुर में शारदीय खरीफ महाभियान 2025 के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि भवन परिसर में आयोजित किया गया, जिसकी मेज़बानी कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (ATMA) ने की। कार्यक्रम का उद्घाटन भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों, कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. चौधरी ने कहा कि इस तरह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक तरीकों और नई योजनाओं से अवगत कराना है, ताकि उनकी फसल उत्पादकता में वृद्धि हो और उनकी आय को दोगुना किया जा सके। उन्होंने कहा कि भागलपुर जिला विशेष रूप से सब्जी और मक्का की खेती के लिए उपयुक्त है। इस क्षमता का बेहतर उपयोग करके क्षेत्र को कृषि के क्षेत्र में और भी अधिक उन्नति की ओर ले जाया जा सकता है।

डॉ. चौधरी ने यह भी बताया कि किसानों को सटीक जानकारी, समय पर बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हो सके।

प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ड्रिप सिंचाई, जैविक खेती, कीट नियंत्रण, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और फसल चक्र परिवर्तन जैसी महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। किसानों को नई तकनीकों के उपयोग, सरकारी योजनाओं की जानकारी, और खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में जिले भर से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। किसानों ने प्रशिक्षण सत्र के दौरान अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से सवाल भी पूछे। अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना और समाधान सुझाए।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य कर रहे किसानों को सम्मानित भी किया और आशा व्यक्त की कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे ताकि कृषि क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित हो सके।

यह कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी साबित हुआ। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रशिक्षण से किसानों को नई दिशा मिलेगी और भागलपुर जिले को कृषि के क्षेत्र में राज्य और देश में एक नया मुकाम हासिल होगा।

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