नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई समिट के दौरान एक ऐसी तकनीक ने लोगों का ध्यान खींचा, जो अब तक सिर्फ हॉलीवुड फिल्मों में ही देखने को मिलती थी। हॉल नंबर-4 में प्रदर्शित एक छोटी, हल्की और पूरी तरह बिजली से चलने वाली हवाई टैक्सी का मॉडल लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना रहा।
इस आधुनिक उड़न वाहन को एक निजी टेक्नोलॉजी कंपनी ने विकसित किया है। कंपनी का दावा है कि यह हवाई टैक्सी भविष्य में शहरी परिवहन की तस्वीर बदल सकती है। खासकर महानगरों में घंटों लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। स्टॉल पर मौजूद कंपनी की ब्रांड और डिजाइन एसोसिएट अनुष्का यादव ने बताया कि यह टैक्सी न सिर्फ यात्रियों के लिए, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। ट्रैफिक में फंसी एंबुलेंस जैसी सेवाओं को तेज़ और सुगम विकल्प मिल सकता है।
तकनीकी विशेषताओं की बात करें तो यह हवाई टैक्सी जमीन पर उड़ान और लैंडिंग के लिए मात्र 8×10 मीटर के छोटे से क्षेत्र की जरूरत रखती है, जिससे यह भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों के लिए उपयुक्त बनती है। एक बार फुल चार्ज होने पर यह करीब 110 किलोमीटर तक उड़ान भर सकती है और इसकी अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। इसमें एक पायलट और दो यात्री बैठ सकते हैं या फिर 200 किलोग्राम तक वजन ढोया जा सकता है।
सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक है, जिससे किसी प्रकार का धुआं या प्रदूषण नहीं निकलता। पर्यावरण के अनुकूल यह तकनीक भविष्य में यात्री परिवहन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं और माल ढुलाई के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में भारत के शहरों में उड़न टैक्सियों का जाल बिछ सकता है और ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
