बिहार में नशे के कारोबारियों ने अब तस्करी का तरीका बदल दिया है। ट्रेन और सड़क मार्ग छोड़ अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है। इसका ताजा खुलासा Gaya International Airport पर हुआ है, जहां महज चार दिनों के भीतर दूसरी बार भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) बरामद किया गया है।
जानकारी के मुताबिक 16 मार्च को करीब 10 किलो हाइड्रोपोनिक वीड पकड़ा गया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इसके बाद 18 मार्च को फिर से बड़ी कार्रवाई करते हुए 8.5 किलो गांजा बरामद किया गया। इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है, जिसे थाईलैंड की नागरिक बताया जा रहा है।
कस्टम विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि तस्करों ने बैग के अंदर खास तरीके से गुप्त कंपार्टमेंट बनाए थे, ताकि स्कैनिंग में पकड़े न जाएं। लेकिन एक्स-रे जांच के दौरान उनकी चालाकी बेनकाब हो गई।
बताया जा रहा है कि सभी आरोपी बैंकॉक से फ्लाइट संख्या FD-122 से गया पहुंचे थे। इमिग्रेशन जांच के दौरान उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद पूछताछ की गई और फिर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है।
लगातार दो बड़ी बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो बिहार को ट्रांजिट प्वाइंट के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच गहराई से की जा रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
गया एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब तस्कर हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हैं और ऐसे हर नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
