कुशीनगर जिले के नौरंगिया स्कूल टोला हादसे में मरने वाले 13 लोगों में 22 वर्ष की पूजा यादव भी है। बहादुर बिटिया अब नहीं रही, लेकिन रात के दर्दनाक हादसे के दौरान दिखाई गई उसकी हिम्मत की बातें हर ओर हो रही हैं। वह सेना भर्ती की तैयारी कर रही थी। सेना में चयन से पहले वह जिंदगी की जंग तो हार गई, लेकिन उसकी जांबाजी से पांच लोगों की जान बच गई। इसमें दो बच्चे भी हैं। आर्मी मैन पिता बलवंत यादव को बेटी की शादी की चिंता थी। नियति का खेल ऐसा रहा कि सेलेक्शन हुआ और न ही शादी हो सकी। जिस वक्त हादसा हुआ पूजा के साथ डूबने वालों में उसकी मां भी थी। उसने अपनी मां लीलावती को बचाया। इसके बाद अनूप, उपेंद्र एक-एक कर पांच अन्य लोगों को बचाया। छठे की जान बचाते वक्त वह खुद कुआं में डूब गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पूजा को धुन सवार थी कि वह सभी को बचाएगी। वह लखनऊ में रहकर सेना में भर्ती की कर रही थी तैयारी।

पिता की तरह पूरा परिवार आर्मी, पुलिस में होना चाहता था भर्ती

तहसीलदार शाही महाविद्यालय सिंगहा में पूजा बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। पिता बलवंत यादव जम्मू कश्मीर में आर्मी में हवलदार पद पर पोस्टेड हैं। उसके दो जुड़वां भाई आदित्य और उत्कर्ष हैं। क्लास नौ में पढ़ते हैं। पूरा परिवार शिक्षित है। पूजा खुद की तरह ही अपने भाइयों को भी सेना, पुलिस में भर्ती करवाना चाहती थी।

लोगों की समझ में नहीं आया क‍ि अचानक क्‍या हुआ

ज‍िस समय हादसा हुआ उस समय महिलाएं मटकोड़ में व्यस्त थीं। पुरुष खाना खिलाने की तैयारी में लगे थे। इसी बीच कुआं में महिलाओं के गिरने की खबर से हर कोई उस तरफ दौड़ पड़ा। लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। इसी बीच कुछ नौजवान लड़के रस्सी के सहारे कुएं में उतर गए और महिलाओं व बच्चियों को निकालना शुरू कर दिया। रेस्क्यू में पूरा गांव रस्सी और सीढ़ियों के सहारे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करने लगा। सेप्टिक टैंक से लगभग नौ टैंकर पानी बाहर निकाला गया। उसके बाद लाशें निकलनी शुरू हुईं थीं।

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