रोहतास जिले के नोखा में एलपीजी गैस की भारी किल्लत ने लोगों का गुस्सा सड़कों पर ला दिया। सरकार जहां हर घर तक गैस पहुंचाने का दावा करती है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। मंगलवार सुबह नोखा बाजार का दृश्य किसी आंदोलन से कम नहीं था। बड़ी संख्या में लोग खाली गैस सिलेंडर लेकर एजेंसी के बाहर घंटों लाइन में खड़े रहे, लेकिन जब उन्हें गैस नहीं मिली तो उनका सब्र टूट गया।

आक्रोशित लोगों ने सासाराम-आरा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और सड़क के बीचों-बीच खाली सिलेंडर रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह सड़क सासाराम से आरा और पटना जाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, ऐसे में जाम के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल बस से लेकर एंबुलेंस और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोग घंटों फंसे रहे।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे रात के 2 बजे से ही लाइन में लगे हुए थे, इसके बावजूद उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिला। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने एक से डेढ़ महीने पहले ही गैस बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं हुई। घरों में गैस खत्म होने से खाना बनाने में भारी दिक्कत हो रही है।

सबसे गंभीर आरोप कालाबाजारी को लेकर लगाया गया। लोगों का कहना है कि जहां आम उपभोक्ता लाइन में खड़े हैं, वहीं ज्यादा पैसे देने पर बाजार में आसानी से सिलेंडर मिल रहा है। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

इधर, सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक एबी शरण ने कहा कि जिले में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सभी एजेंसियों को समय पर होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न स्तरों पर जांच और छापेमारी की जा रही है।

फिलहाल, प्रशासन के दावों और आम जनता की परेशानी के बीच का अंतर एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है।

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