मेहनत अगर सच्चे इरादे के साथ की जाए तो सफलता जरूर मिलती है. यूपीएससी की हमारी श्रंखला में आपने कई सफलताओं की कहानियां पढ़ी होंगी लेकिन आज जिस शख्स के बारे में आपको हम बताने जा रहे हैं. उसकी सफलता की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा साबित हो सकती है, जो मुश्किल हालातों या गरीबी के आगे अपने सपनों को साकार नहीं कर पाते हैं. आज हम जिस आईपीएस अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं उनका नाम किशोर कुमार रजक है.https://fb.watch/bgySeGk00t/
किशोर कुमार एक ऐसे इलाके से आते हैं जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. गरीबी इतनी कि उन्हें अपने बचपन के दिनों में मजदूरी करनी पड़ी. लेकिन मेहनत और लगन के इतने पक्के थे पहली ही बार में अधिकारी पद हासिल कर ली. आइए जानते हैं किशोर कुमार रजक ने कैसे सफलता हासिल कर ली.
कौन हैं किशोर कुमार रजक
किशोर कुमार रजक झारखंड के बोकारो जिले के एक छोटे से गांव बुड्ढीबिनोर के रहने वाले हैं। उनका गांव चंदनकेर विधानसभा के अन्तर्गत आता है। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। किशोर के पिता का नाम दुर्योधन और माता का नाम रेणुका देवी है। पिता कोयला खदान में मजदूरी का काम करते हैं तो मां घर संभालती हैं। परिवार में माता पिता के अलावा किशोर के 4 भाई और एक बहन है। किशोर घर में सबसे छोटे थे हालांकि मेहनत करने वालों में वो सबसे आगे थे।
