कोसी प्रमंडल वन विभाग द्वारा प्रवासी और संरक्षित पक्षियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में वन विभाग की टीम ने कहरा प्रखंड अंतर्गत भेरधरी गांव में छापेमारी कर बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने गांव से पिंजरे में बंद रखे गए पांच मोरों को बरामद किया है, जिनमें एक नर और चार मादा मोर शामिल हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सहरसा के डीएफओ भरत चिंतापल्ली ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि भेरधरी गांव में कुछ लोग मोरों को अवैध रूप से पिंजरे में बंद कर रखे हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की गई। जब टीम मौके पर पहुंची तो पिंजरे में बंद कुल पांच मोर पाए गए, हालांकि मौके से कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था।
डीएफओ ने बताया कि सभी मोरों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया गया है। प्राथमिक जांच में मोरों की हालत सामान्य पाई गई है। उन्होंने कहा कि बरामद मोरों को उनके प्राकृतिक वातावरण में वापस छोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आरण गांव को उपयुक्त और सुरक्षित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है, क्योंकि इस इलाके में मोरों की संख्या पहले से ही काफी अधिक है और यह उनका प्राकृतिक आवास माना जाता है।
डीएफओ भरत चिंतापल्ली ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि जैसे इंसान इको-सिस्टम का हिस्सा है, वैसे ही पक्षी भी हमारे पर्यावरण का अहम अंग हैं। प्रवासी और संरक्षित पक्षी हमारे मेहमानों की तरह होते हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि नैतिक रूप से भी गलत है।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी पक्षियों को नुकसान पहुंचाने, उन्हें पकड़ने या अवैध रूप से कैद करने की सूचना मिलती है तो लोग तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। डीएफओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के समय में भी यदि हम प्रवासी या अन्य पक्षियों को मारते या प्रताड़ित करते हैं, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेहमानों के साथ ऐसी बदसलूकी किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि मामले की जांच जारी है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
