नोएडा। कहते हैं कि अगर हौसले मजबूत हों तो उम्र और परिस्थितियां भी रास्ता नहीं रोक पातीं। नोएडा के कोंडली बांगर गांव की रहने वाली दीपा भाटी ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। तीन बच्चों की जिम्मेदारी, घर-परिवार की व्यस्तता और समाज के तानों के बावजूद उन्होंने 40 साल की उम्र में यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर अफसर बनने का सपना पूरा किया।
दीपा भाटी की सफलता की कहानी आज उन लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को कहीं पीछे छोड़ देती हैं।
दीपा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की। इसके बाद उन्होंने केमिस्ट्री विषय में ग्रेजुएशन और इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के दौरान ही कम उम्र में उनकी शादी हो गई और धीरे-धीरे परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ती चली गईं। शादी के बाद तीन बच्चों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों के कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई, लेकिन उनके मन में अफसर बनने का सपना हमेशा जिंदा रहा।
समय के साथ उन्होंने घर संभालते हुए एक स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान उनके भाई ने उन्हें एक बार फिर से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी। भाई की प्रेरणा से उन्होंने यूपीपीसीएस की तैयारी शुरू कर दी।
दीपा के लिए यह सफर आसान नहीं था। दिनभर घर के काम, बच्चों की देखभाल और अन्य जिम्मेदारियों को निभाने के बाद वह रात में पढ़ाई करती थीं। कई बार समाज और आस-पास के लोगों ने ताने भी दिए कि इस उम्र में पढ़ाई कर क्या हासिल होगा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर लगातार मेहनत करती रहीं।
करीब 18 साल की शादीशुदा जिंदगी के बाद वर्ष 2021 में उनकी मेहनत रंग लाई। 40 साल की उम्र में उन्होंने यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर 166वीं रैंक हासिल की और अफसर बनने का सपना साकार कर दिखाया। उस समय उनकी बड़ी बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ रही थी।
आज दीपा भाटी की कहानी इस बात का संदेश देती है कि सपनों को पूरा करने के लिए उम्र मायने नहीं रखती। अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
