खबर बिहार के सहरसा जिले से है, जहां नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत नगर पंचायत से लापता हुई पांच नाबालिग बच्चियों के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। बच्चियों के लखनऊ से बरामद होने के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक उन्हें उनके परिजनों को नहीं सौंपा गया है। इसको लेकर परिवार के लोग काफी चिंतित और परेशान हैं तथा प्रशासन से जल्द बच्चियों को घर लाने की गुहार लगा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को नौहट्टा नगर पंचायत क्षेत्र से पांच नाबालिग बच्चियां अचानक लापता हो गई थीं। एक साथ पांच बच्चियों के गायब होने की खबर मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। परिजनों ने आनन-फानन में स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
जांच के दौरान रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों पर तलाश की गई। इसी क्रम में लखनऊ में टीटी और आरपीएफ की मदद से ट्रेन से सफर कर रही पांचों बच्चियों को बरामद कर लिया गया। बच्चियों के सुरक्षित मिलने की खबर जैसे ही सहरसा पहुंची, परिजनों ने राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि जल्द ही बच्चियां घर वापस आ जाएंगी।
लेकिन बरामदगी के कई दिन बीत जाने के बावजूद बच्चियों को अभी तक उनके परिवारों को नहीं सौंपा गया है। इसको लेकर परिजन लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं और बच्चियों को जल्द घर भेजने की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चियों के मिलने के बाद भी उन्हें घर नहीं लाया गया है, जिससे परिवार के लोग मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।
वहीं इस पूरे मामले पर नौहट्टा थाना पुलिस का कहना है कि होली पर्व के कारण कई पदाधिकारी अवकाश पर थे, जिसकी वजह से प्रक्रिया में कुछ देरी हुई है। पुलिस के अनुसार बुधवार को यहां से पदाधिकारी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं और उम्मीद है कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जल्द ही बच्चियों को सहरसा लाकर उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
फिलहाल इस मामले को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर बच्चियां कब तक अपने घर और परिवार के बीच लौटती हैं।
