देश से फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से बिहार में 10 फरवरी से 28 फरवरी तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में भागलपुर के समीक्षा भवन में अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह, सिविल सर्जन तथा अन्य अधिकारियों ने स्वयं दवा का सेवन कर किया।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, जो स्वयं एमबीबीएस की डिग्री धारक हैं, ने मौके पर मौजूद लोगों को विस्तारपूर्वक बताया कि फाइलेरिया की दवा किस प्रकार खानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दवा स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में ही खाई जानी चाहिए और इसे घर ले जाकर नहीं रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि किन लोगों को यह दवा नहीं लेनी है, जैसे गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे, जिनके लिए अलग दिशा-निर्देश जारी हैं।
डीएम ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस दवा का कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं है। उन्होंने पिछले वर्ष फैली अफवाहों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भ्रम फैलाया गया था, जिससे लोगों में अनावश्यक डर पैदा हुआ। उन्होंने अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि देश को फाइलेरिया जैसी बीमारी से मुक्ति दिलानी है, तो सभी नागरिकों को जिम्मेदारी निभानी होगी और दवा का सेवन करना होगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भागलपुर सहित पूरा राज्य फाइलेरिया मुक्त बन सके।
