बिहार के एक युवक के साथ यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। फर्जी परिणाम सूची के आधार पर खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित समझ बैठा युवक प्रशिक्षण के लिए उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) पहुंच गया। शनिवार को जब अकादमी प्रशासन ने उसके दस्तावेजों की जांच की, तब इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
पुलिस के अनुसार, अकादमी प्रशासन ने सूचना दी थी कि पुष्पेश सिंह नाम का युवक यूपीएससी की कथित परिणाम सूची के आधार पर प्रशिक्षण लेने पहुंचा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मसूरी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। साथ ही स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और खुफिया ब्यूरो (IB) की टीमों को भी बुलाया गया। जांच और पूछताछ के दौरान प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि युवक किसी साजिश का आरोपी नहीं, बल्कि खुद धोखाधड़ी का शिकार है।
पूछताछ में पता चला कि फर्जीवाड़ा करने वालों ने पुष्पेश सिंह को व्हॉट्सऐप के जरिए एक नकली परिणाम सूची भेजी थी, जिसमें उसे IAS में चयनित बताया गया। इसी भरोसे पर वह अपने माता-पिता और जरूरी सामान के साथ मसूरी स्थित अकादमी पहुंच गया। बाद में उसे विस्तृत पूछताछ के लिए कोतवाली मसूरी लाया गया।
पुलिस ने बताया कि पुष्पेश सिंह बिहार के सारण जिले का निवासी है। वह उच्च शिक्षित है और वर्तमान में हरियाणा के गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में कार्यरत है। युवक ने पुलिस को बताया कि गुरुग्राम में उसकी मुलाकात कुछ लोगों से हुई थी, जिन्होंने यूपीएससी की लिखित परीक्षा दिलवाने और इंटरव्यू कराने का झांसा दिया। इस दौरान उससे दो किस्तों में 13,000 रुपये और 14,564 रुपये डिजिटल माध्यम से लिए गए।
रुपये लेने के बाद आरोपियों ने उसे फर्जी परिणाम सूची भेजकर चयन की सूचना दी और LBSNAA में प्रशिक्षण के लिए बुलाया। ठगी का एहसास होने पर पुष्पेश सिंह ने कोतवाली मसूरी में तहरीर दी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत शून्य प्राथमिकी दर्ज कर मामले को आगे की कार्रवाई के लिए गुरुग्राम भेज दिया है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है।
