भागलपुर के कजरैली थाना क्षेत्र अंतर्गत तेतरहाट में वेजिटेबल ऑयल में मिलावट कर उसे नामी ब्रांड के नाम से बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर करीब 5,000 लीटर तेल जब्त करते हुए संबंधित वर्कशॉप को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार थाना को सूचना मिली थी कि तेतरहाट स्थित एक वर्कशॉप में खुले तेल में मिलावट कर उसे विभिन्न नामी कंपनियों के ब्रांडेड पैकेट में भरकर बाजार में खपाया जा रहा है। इतना ही नहीं, इस तेल को होलसेल बाजारों के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी बेचे जाने की बात सामने आई है।
सूचना मिलते ही नाथनगर के एमओ अभिजीत कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। छापेमारी के दौरान वर्कशॉप से बड़ी मात्रा में खाली पैकेजिंग सामग्री, विभिन्न ब्रांड के रैपर और लगभग 5,000 लीटर वेजिटेबल ऑयल बरामद किया गया। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि तेल की गुणवत्ता संदिग्ध हो सकती है और इसमें मिलावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
एहतियात के तौर पर पूरे स्टॉक को सील कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने तेल के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। एमओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि तेल में किस प्रकार की मिलावट की गई थी।
यदि जांच में मिलावट या ब्रांड की फर्जी पैकेजिंग की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं वर्कशॉप संचालक ओवैस आलम ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके पास सभी आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज मौजूद हैं। फिलहाल जांच जारी है।
