बिहार के गया जिले के इमामगंज प्रखंड के भीड़ गांव में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर स्थानीय लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। छापेमारी के दौरान टीम ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया था, लेकिन गिरफ्तारी का विरोध करते हुए गांव वालों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि टीम के अधिकारियों और कर्मियों को अपनी जान बचाकर मौके से भागना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही टीम तीनों लोगों को लेकर गांव से बाहर निकलने लगी, बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और विरोध करने लगे। देखते ही देखते विरोध हिंसक हो गया और लोगों ने पत्थरों की बौछार कर दी। पथराव तब तक जारी रहा, जब तक हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को छोड़ नहीं दिया गया।
इसी दौरान मौके से भाग रही उत्पाद विभाग की गाड़ी ने एक युवक को टक्कर मार दी। कुचेसर निवासी दिलशाद कुरैशी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गाड़ी तेज रफ्तार में थी और उसकी लाइट भी बंद थी, जिससे युवक को बचने का मौका नहीं मिला। घायल को तुरंत इमामगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घायल के परिजनों ने आरोप लगाया कि टक्कर मारने के बाद भी गाड़ी नहीं रुकी और टीम मौके से फरार हो गई। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि छापेमारी करने आई टीम के सदस्य खुद नशे की हालत में थे।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीण बड़ी संख्या में इमामगंज थाने पहुंचे और उत्पाद विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाने का घेराव कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत करने की कोशिश की।
इमामगंज थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
