देश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कई जगहों पर बड़े आकार के ओलों से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

 

हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिला है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंडक बढ़ गई। वहीं मैदानी इलाकों में भी मौसम सुहावना हो गया है।

 

राजस्थान में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। राजधानी जयपुर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर सहित कई जिलों में चने से बड़े ओले गिरे। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। तेज ठंडी हवाओं के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में ऐसा ही मौसम बना रहेगा। 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर घाटी में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और राजस्थान के कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है।

 

मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है। वहीं महाराष्ट्र और मराठवाड़ा क्षेत्र में भी मौसम खराब रह सकता है। पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

 

दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश हो सकती है। कुल मिलाकर, अगले एक सप्ताह तक देशभर में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

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