मोतिहारी के छतौनी इलाके में बन रहे ओवरब्रिज से जहां एक ओर विकास की तस्वीर नजर आ रही है, वहीं दूसरी ओर निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल ने स्थानीय लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही और कच्चे रास्ते के कारण इतनी धूल उड़ रही है कि लोगों का सांस लेना तक कठिन हो गया है। आसपास के घरों और दुकानों में धूल भर जा रही है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क से रोज बड़े नेता, मंत्री और अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस समस्या पर नहीं जा रहा। राहगीरों को मुंह ढककर चलना पड़ रहा है, जबकि दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि धूल के कारण ग्राहकों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है और सामान भी खराब हो रहा है।
लोगों का आरोप है कि ओवरब्रिज निर्माण कर रहा ठेकेदार धूल नियंत्रण के लिए जरूरी उपाय नहीं कर रहा। सबसे बड़ी शिकायत यह है कि सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा, जिससे धूल का गुबार लगातार उड़ता रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
डॉक्टरों ने भी इस स्थिति को खतरनाक बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय तक धूल के संपर्क में रहने से सांस की बीमारियां, संक्रमण और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। बुजुर्ग और अस्थमा के मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन और ठेकेदार इस गंभीर समस्या को कब तक नजरअंदाज करते हैं और कब राहत के ठोस कदम उठाए जाते हैं।
