भागलपुर। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रत्याशी डॉ. मृणाल ने जगद्गुरु आचार्य रामभद्राचार्य के हालिया बयान का खुलकर समर्थन किया है। आचार्य रामभद्राचार्य ने उमर खालिद और शरजील इमाम को मृत्युदंड दिए जाने की बात कही थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मृणाल ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोग देश में अर्बन नक्सलवाद को बढ़ावा देने वालों में शामिल हैं, जो राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा हैं।
डॉ. मृणाल ने कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के प्रति नरमी दिखाना आने वाली पीढ़ियों के लिए घातक साबित हो सकता है। उनके अनुसार, आचार्य रामभद्राचार्य द्वारा मृत्युदंड की मांग पूरी तरह जायज है और यह देशहित में उठाया गया सख्त लेकिन आवश्यक कदम है।
इसके साथ ही डॉ. मृणाल ने राजस्थान के जयपुर में दिए गए जगद्गुरु आचार्य रामभद्राचार्य के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने की बात कही थी। डॉ. मृणाल ने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष का होना जरूरी है, लेकिन मौजूदा समय में राहुल गांधी में न तो प्रभावी नेतृत्व क्षमता नजर आती है और न ही संगठनात्मक मजबूती।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी न तो अपनी पार्टी को एकजुट रखने में सफल हो पा रहे हैं और न ही देश के सामने एक सशक्त और भरोसेमंद विपक्ष की भूमिका निभा पा रहे हैं। ऐसे में आचार्य रामभद्राचार्य द्वारा दिया गया बयान पूरी तरह तार्किक और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के अनुरूप है।
डॉ. मृणाल ने यह भी कहा कि देश को ऐसे विपक्ष की जरूरत है जो रचनात्मक आलोचना के साथ राष्ट्रहित में सरकार को दिशा दिखा सके, न कि केवल बयानबाजी और भ्रम फैलाने का काम करे। उनके मुताबिक, वर्तमान हालात में राहुल गांधी उस अपेक्षा पर खरे नहीं उतरते, जिसकी मांग देश का लोकतंत्र करता है।
