आईसीसी मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल की रेस अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। भारतीय टीम के सामने 1 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन में वेस्टइंडीज की कड़ी चुनौती होगी। यह मुकाबला किसी वर्चुअल क्वार्टरफाइनल से कम नहीं है, क्योंकि जो जीतेगा वही अंतिम चार में जगह बनाएगा।
टीम इंडिया के लिए चिंता की बात यह है कि T20 वर्ल्ड कप इतिहास में वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका रिकॉर्ड खास नहीं रहा है। दोनों टीमें पहली बार 2009 में आमने-सामने हुई थीं, जहां भारत को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2010 में भी ग्रुप स्टेज में वेस्टइंडीज ने भारत को मात दी। भारतीय टीम को पहली और अब तक की इकलौती जीत 2014 में मिली, जब उसने वेस्टइंडीज को सात विकेट से हराया था। उस टूर्नामेंट में भारत फाइनल तक पहुंचा, लेकिन खिताब से चूक गया।
सबसे बड़ा झटका 2016 के T20 वर्ल्ड कप में लगा, जब सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने भारत का सफर खत्म कर दिया। दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज ने टी20 वर्ल्ड कप में भारत को कई गहरे जख्म दिए हैं, और यही इतिहास टीम इंडिया की टेंशन बढ़ा रहा है।
मौजूदा समीकरण भी भारत के लिए आसान नहीं हैं। अगर यह मुकाबला बारिश या किसी अन्य कारण से रद्द होता है तो भारत सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगा, क्योंकि नेट रनरेट में वेस्टइंडीज आगे है। जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत हासिल न कर पाना अब टीम इंडिया को भारी पड़ सकता है।
ऐसे में भारतीय टीम इस मुकाबले को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगी। सेमीफाइनल का टिकट दांव पर है, इतिहास की कसक भी बाकी है और करोड़ों फैंस की उम्मीदें भी। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम इंडिया इस बार वेस्टइंडीज की चुनौती पार कर पुराने जख्मों का हिसाब चुकता कर पाती है या नहीं।
