सहरसा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मरीजों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण डीएम द्वारा रूटीन जांच के क्रम में किया गया, लेकिन निरीक्षण के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन का रुख काफी सख्त नजर आया।

 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, विभिन्न मरीज वार्डों समेत अन्य विभागों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं, बेडशीट बदलने की व्यवस्था, दवा वितरण प्रणाली और डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति की विस्तार से जांच की। डीएम ने वार्डों में जाकर मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

 

मरीजों ने इलाज में देरी, डॉक्टरों की अनुपस्थिति, खान-पान की व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें रखीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि जिन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, वे हर हाल में समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। लेटलतीफी या अनुपस्थित पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

दवा काउंटर पर फार्मासिस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर भी जिलाधिकारी ने असंतोष जताया और इसकी जांच के आदेश दिए। वहीं मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और समयबद्ध वितरण को लेकर अस्पताल प्रबंधक को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। शौचालय के टैंक लंबे समय से भरे रहने और अस्पताल के मुख्य गेट के बंद रहने की शिकायतों पर डीएम ने तत्काल समाधान का आदेश दिया।

 

निरीक्षण के दौरान एडीएम निशात कुमार, एसडीओ श्रेयस तिवारी सहित कई प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने दो टूक कहा कि सदर अस्पताल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को बेहतर, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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