जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिला एंपैनलमेंट कमिटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, अस्पतालों की गुणवत्ता और सूचीबद्धता की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों के आलोक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत सूचीबद्ध सभी निजी अस्पतालों का हॉस्पिटल ऑडिट कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन अस्पतालों की सूचीबद्धता के नवीनीकरण पर भी चर्चा की गई, जिन्होंने योजना के अंतर्गत तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं।
वर्तमान में सहरसा जिले में कुल सात निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं। इन अस्पतालों में पात्र लाभार्थियों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। बैठक में यह भी बताया गया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत वे सभी लाभार्थी पात्र हैं, जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभुकों को योजना की जानकारी व्यापक स्तर पर दी जाए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार इसका लाभ उठा सकें। साथ ही अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता, बिलिंग प्रक्रिया और मरीजों से व्यवहार की भी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सिविल सर्जन सहरसा, डॉ. रविंद्र कुमार (जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी), सुश्री सिमरन कुमारी (वरीय उप समाहर्ता), हेनरी टर्नर (जिला कार्यक्रम समन्वयक, आयुष्मान भारत) एवं अभय प्रकाश (परियोजना समन्वयक) सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
