भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत कमरगंज पंचायत में गंगा नदी का पानी लिफ्टिंग कर हनुमान डैम और खड़कपुर झील तक पहुंचाने की योजना को लेकर मंगलवार को विवाद गहरा गया। जीभीपीआर कंपनी द्वारा कार्यस्थल पर मिट्टी गिराने के दौरान जमीन मालिक किसानों ने इसका विरोध करते हुए काम रुकवा दिया। मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

 

जमीन मालिक किसान अशोक कुमार यादव ने बताया कि जीभीपीआर कंपनी के प्रतिनिधि राजेश कुमार सिंह द्वारा जबरन उनकी पैतृक जमीन पर रातों-रात मिट्टी गिरा दी गई। उन्होंने कहा कि कंपनी को कई बार स्पष्ट रूप से मना किया गया था कि उनकी जमीन पर किसी भी तरह का कार्य नहीं किया जाए। इसके बावजूद बिना सहमति और बिना किसी लिखित सूचना के काम शुरू कर दिया गया, जिससे किसान आक्रोशित हो गए।

 

अशोक कुमार यादव ने आगे कहा कि उनकी पैतृक जमीन पहले ही हवाई अड्डे के रनवे में चली गई है और अब अगर यह जमीन भी गंगा लिफ्टिंग परियोजना में चली जाती है, तो उनके परिवार के सामने रहने और खाने का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों का कहना है कि जमीन ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और इसके छिन जाने से उनका पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा।

 

वहीं इस पूरे मामले पर जीभीपीआर कंपनी के प्रतिनिधि राजेश कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि गंगा नदी का पानी लिफ्टिंग कर हनुमान डैम और खड़कपुर झील तक ले जाना मुख्यमंत्री की ड्रीम प्रोजेक्ट योजना है। इस परियोजना से आसपास के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और खेती को काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जब मंगलवार को कार्य शुरू किया गया, तो जमीन मालिकों ने मिट्टी गिराने पर रोक लगा दी और रात में भी कार्य बाधित किया गया।

 

कंपनी प्रतिनिधि का कहना है कि कुछ जमीन मालिक किसानों की मांग है कि जब तक मुआवजा राशि का नोटिस नहीं मिल जाता, तब तक वे किसी भी तरह का काम नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित विभाग द्वारा मुआवजा राशि की प्रक्रिया जारी है और नियमानुसार सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

 

इस दौरान मौके पर जमीन मालिक किसान बासुदेव नारायण यादव, विंदेश्वरी यादव, किशौरी भगत, तेज नारायण भगत, बैचु नारायण भगत सहित अन्य किसान अपने-अपने परिवारों के साथ मौजूद रहे और कंपनी के कार्य का विरोध करते नजर आए। फिलहाल विवाद को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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