कोसी प्रमंडल के जनशक्ति जनता दल प्रभारी **देव नायण यादव** ने मंगलवार को तेज प्रताप यादव और चिराग पासवान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि **सहनी जी का तेज प्रताप को जानना या पहचानना कोई मायने नहीं रखता**, क्योंकि राजनीति में पहचान नहीं, नीति और नीयत मायने रखती है।
देव नायण यादव ने कहा कि **सुगोली में जनशक्ति जनता दल का प्रत्याशी ईमानदार था**, वहीं राजद उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो जाने के बाद गठबंधन के नेताओं को मजबूरी में समर्थन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा — “तेज प्रताप जी को हम सिर्फ इसलिए नहीं मानते कि वे लालू प्रसाद यादव जी के बड़े पुत्र हैं। बड़े पुत्र का महत्व वेद, पुराण और गीता में बताया गया है, उन्हें पहले उसे पढ़ना और समझना चाहिए।”
**चिराग पासवान पर भी बोला हमला**
यादव ने **लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान** के बयानों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “चिराग जी बंदर की तरह कार्यक्रम कर रहे हैं। वे अपने पिता स्वर्गीय **रामविलास पासवान जी** के विचारों को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “बिहार को मुंबई की तरह चलाने की बात करना गलत है। बिहार उनकी जन्मभूमि है, कोसी इलाका उनका क्षेत्र है — यहां के लोग गरीबी और संघर्ष से जूझ रहे हैं। मुंबई जैसे एश्ट्राइल में रहकर बिहार की हालत नहीं समझी जा सकती।”
**‘रामविलास जी के सिद्धांतों से भटक गए हैं चिराग’**
देव नायण यादव ने कहा कि रामविलास पासवान हमेशा समाज के अंधेरे घरों में रोशनी लाने की बात करते थे, लेकिन चिराग पासवान अब सिर्फ अपनी **सुख-सुविधा और व्यक्तिगत चमक** में उलझ गए हैं। यादव ने कहा —
“आपने अपने घर में तो बहुत बड़ा दीप जला लिया, लेकिन कोसी और बिहार का अंधेरा कौन मिटाएगा? क्या अपनी खुशहाली से समाज का कल्याण हो जाएगा? यह दुर्भाग्य है न केवल उस जाति के लिए, बल्कि पूरे बिहार के लिए।”
अंत में यादव ने कहा कि **कोसी को ऐसे नेताओं की जरूरत नहीं है** जो केवल बोलने में माहिर हों, बल्कि ऐसे नेताओं की आवश्यकता है जो लोगों की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए सड़कों पर उतरें।
