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सीतामढ़ी के पुनौरा गांव में माता सीता की जन्मभूमि, यहां बना है जानकी मंदिर
सीतामढ़ी जहाँ मिथिला-मैथिली की शीर्षस्थ विकास के लिए चेतना समिति उद्घाटन राज्य के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को आमंत्रित किया गया है। जहाँ चेतना समिति के बैनर तले अगले रविवार को सीतामढ़ी में समारोह आयोजित की गई है।इसमें सीतामढ़ी स्थित जानकी कुंड स्थल पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) के विकास सहित मिथिला-मैथिली की अन्य समस्याओं पर विचार किया जाएगा।
पुनौरा धाम के जानकी कुंड मैं स्नान करने से होती है संतान की प्राप्ति
समारोह में राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, कला संस्कृति एवं युवा मंत्री आलोक रंजन झा, सूचना तकनीक मंत्री जीवेश मिश्रा, बिहार विधान परिषद के उपनेता देवेश चंद्र ठाकुर व सीतामढ़ी जिले के कई विधायक मौजूद रहेंगे।
समिति के अध्यक्ष विवेकानंद झा, सचिव उमेश मिश्र और सदस्य विपेन्द्र झा माधव ने कहा कि समारोह में कवि सम्मेलन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होगा। जिसमें मैथिली के कई वरिष्ठ कवि अपनी कविता का पाठ करेंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डॉ.रंजना झा, इंडियन आइडल प्रतिभागी सौम्या मिश्र गीत प्रस्तुत करेंगी।
कईं महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है आस-पास
पुनौरा के आस पास सीता माता एवं राजा जनक से जुड़े कई तीर्थ स्थल है। जहां राजा ने हल जोतना प्रारंभ किया था, वहां पहले उन्होनें महादेव का पूजन किया था। उस शिवालय को हलेश्वर मंदिर के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि एक समय पर विदेह नाम के राजा ने इस शिव मंदिर का निमार्ण पुत्रेष्टि यज्ञ के लिए करवाया था।
होती है संतान की प्राप्ति पुनौरा धाम में मंदिर के पीछे जानकी कुंड के नाम से एक सरोवर है। इस सरोवर को लेकर मान्यता है कि
इसमें स्नान करने से संतान प्राप्ति होती है। यहां पंथ पाकार नाम की प्रसिद्ध जगह है। यह जगह माता सीता के विवाह से जुड़ी हुई है। इस जगह पर प्राचीन पीपल का पेड़ अभी भी है, जिसके नीचे पालकी बनी हुई है।
