भागलपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां उप विकास आयुक्त (डीडीसी) प्रदीप कुमार सिंह ने आज अधिकारियों की टीम के साथ सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिस पर डीडीसी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत डीडीसी ने इमरजेंसी वार्ड से की। यहां डॉक्टरों की संख्या कम होने के कारण मरीजों की भारी भीड़ देखी गई। कई मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। निरीक्षण के दौरान कुछ डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर डीडीसी ने तत्काल स्पष्टीकरण मांगा और कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद डीडीसी ने अस्पताल के दवा स्टोर का निरीक्षण किया। यहां दवा वितरण में गंभीर अनियमितता सामने आई। जांच में पाया गया कि कुछ मरीजों को कम और कुछ को आवश्यकता से अधिक दवाइयां दी गईं। इस पर डीडीसी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से कराई जाएगी और दोषी स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
निरीक्षण के दौरान वैक्सीनेशन स्टॉल पर भी लापरवाही उजागर हुई। यहां पहले से मौजूद बच्चों को छोड़कर बाद में आए बच्चों को पहले वैक्सीन दिए जाने का मामला सामने आया। इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए डीडीसी ने संबंधित कर्मियों से जवाब मांगा और विस्तृत जांच के आदेश दिए।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी नियमित रूप से औचक निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार हो और आम जनता को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
डीडीसी के इस औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी गई है।
