बाबा कारू खिरहर के 25वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल देखने को मिली। संत बाबा कारू खिरहर विकास परिषद एवं दूध विक्रेता संघ के संयुक्त तत्वावधान में स्टेशन परिसर में दही-चूड़ा भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस भंडारे में बड़ी संख्या में गरीब, दलित, असहाय और निस्सहाय लोगों के बीच श्रद्धापूर्वक भोजन का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्टेशन परिसर भक्तिभाव और सेवा भावना से सराबोर नजर आया। सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी और स्वयंसेवकों ने पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से संभाला। आयोजन में भगत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवनारायण यादव, समाजसेवी अशोक मानव एवं मुकेश सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जरूरतमंदों को अपने हाथों से प्रसाद रूपी दही-चूड़ा परोसा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाबा कारू खिरहर की परंपरा सेवा, त्याग और मानवता पर आधारित रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 25 वर्षों से लगातार इस तरह का सेवा कार्य किया जा रहा है और यह सिलसिला भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक सहायता पहुंचाना ही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।
आयोजकों ने बताया कि बाबा कारू खिरहर के संदेश को आगे बढ़ाते हुए यह भंडारा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को भोजन कराना सबसे बड़ी सेवा है और इसी भावना के साथ हर वर्ष इस आयोजन को और व्यापक रूप दिया जाता है।
भंडारे में शामिल लोगों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ प्रसाद ग्रहण किया। गरीब और असहाय लोगों के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। स्थानीय लोगों ने भी इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए आयोजकों को साधुवाद दिया। पूरे आयोजन के दौरान बाबा कारू खिरहर के जयकारों और सेवा के संदेश ने माहौल को आध्यात्मिक और प्रेरणादायी बना दिया।
