गैस सिलेंडर की लगातार किल्लत के बीच अब साइबर ठग भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। लोगों की मजबूरी और जल्दबाजी का फायदा उठाकर जालसाज नए-नए तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और एसएमएस के जरिए गैस सिलेंडर डिलीवरी और इमरजेंसी सप्लाई के नाम पर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं, जिन पर क्लिक करते ही लोगों के बैंक खाते से पैसे गायब हो जा रहे हैं।

 

जानकारी के मुताबिक, ठग खुद को गैस वितरण कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते हैं और गैस कनेक्शन बंद करने की धमकी देते हैं। इसके बाद कनेक्शन चालू रखने के नाम पर 10 से 20 रुपये का भुगतान करने को कहा जाता है। जैसे ही उपभोक्ता इस झांसे में आता है, उसे एक लिंक भेजा जाता है, जिसमें एपीके फाइल होती है। इस फाइल को डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो जाता है और बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।

 

ऐसा ही एक मामला शक्ति नगर निवासी रश्मि सिंह के साथ सामने आया। उन्होंने बताया कि एक अंजान नंबर से कॉल आया, जिसमें गैस बुकिंग के नाम पर लिंक भेजा गया। जैसे ही उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया, उनके खाते से 1500 रुपये निकल गए। खाते में सीमित राशि होने के कारण बड़ी ठगी से बचाव हो गया। उन्होंने इसकी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराई है।

 

इधर, गैस की किल्लत के बीच चोरी की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। रविवार रात कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग जगहों से चार गैस सिलेंडर चोरी हो गए। लालघाटी शिवनगर निवासी रोबिन जैन के घर के बाहर बने भंडार गृह से तीन सिलेंडर गायब हो गए, जबकि पंचवटी कॉलोनी निवासी हेमंत ज्ञान चंदानी के घर से एक सिलेंडर चोरी हो गया।

 

बचाव के उपाय:

गैस सिलेंडर की बुकिंग हमेशा अधिकृत मोबाइल ऐप या वेबसाइट से ही करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक कर भुगतान करने से बचें। अगर ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

 

फिलहाल प्रशासन लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

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