बिहार के बेतिया जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में एक सक्रिय ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ और तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आए हैं, जिससे जांच एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

 

पुलिस ने जौकटिया गांव में पहले दो आरोपियों – मिथिलेश कुमार और मुकेश कुमार – को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर दूसरी छापेमारी में मोहित कुमार उर्फ आलोक कुमार को भी हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई एटीएम कार्ड, एक बैंक पासबुक और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए। तकनीकी जांच में इन मोबाइल नंबरों का लगातार पाकिस्तान से संपर्क सामने आया, जिससे मामला और गंभीर हो गया। शुरुआती जांच में पता चला कि ठगों ने बैंक खाते मात्र 6,000 रुपये में खरीदे और पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर ठगी की।

 

मझौलिया थाना क्षेत्र को बिहार का ‘जामताड़ा’ कहा जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यहां से दर्जनों साइबर अपराध के मामले सामने आए हैं, जिनमें बैंक खाते किराए पर देना, फर्जी ट्रांजेक्शन और अंतरराष्ट्रीय हैंडलर्स से संपर्क शामिल है। इस गिरोह की गिरफ्तारी से स्थानीय स्तर पर साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस की मुस्तैदी साफ दिखाई दे रही है।

 

पुलिस ने आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी तेज कर दी गई है। मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार के अनुसार, “इलाके में साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।”

 

इस कार्रवाई से न केवल गिरोह के लिए झटका लगा है, बल्कि पूरे क्षेत्र के साइबर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी गया है। पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने और संदिग्ध कॉल या मैसेज पर ध्यान न देने की सलाह दी है। इस सफलता से यह साफ हो गया है कि डिजिटल ठगी के खिलाफ पुलिस पूरी मुस्तैदी से कार्रवाई कर रही है और ऐसे अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

 

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