दरभंगा (बिहार): जिले में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। छह साल की नाबालिग के साथ हुई दर्दनाक घटना का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब बहादुरपुर थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मैट्रिक की छात्रा है पीड़िता


पीड़िता 10वीं कक्षा की छात्रा है और इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा देने वाली थी। आरोप है कि घर आकर ट्यूशन पढ़ाने वाला शिक्षक ही इस अपराध का आरोपी है। छात्रा की नानी ने बहादुरपुर थाना में आवेदन देकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।


नानी ने बताई आपबीती


पीड़िता की नानी के अनुसार, आरोपी शिक्षक विजय पासवान उनकी नतनी को घर आकर पढ़ाता था। 2 फरवरी को जब वे बाहर से लौटीं तो उन्होंने आपत्तिजनक स्थिति देखी और तुरंत विरोध किया। शोर मचाने पर आरोपी ने शादी की बात कहकर मामला दबाने की कोशिश की। इसके बाद 8 फरवरी को पंचायत भी बुलाई गई, जिसमें आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया और केस करने पर गंभीर धमकी दी। इससे डर और दबाव का माहौल बन गया, जिसके बाद परिवार ने थाना में शिकायत दर्ज कराई।


पुलिस की कार्रवाई


बहादुरपुर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होते ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से जुड़े साक्ष्यों को जब्त किया गया है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष प्रसूनजय कुमार ने बताया कि जांच के बाद दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


लोगों में आक्रोश, राजनीतिक प्रतिक्रिया


लगातार इस तरह की घटनाओं से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। विपक्षी दलों ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के जिला उपाध्यक्ष बलदेव राम ने कहा कि यह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे दरभंगा जिले के लिए शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।


सख्त कार्रवाई की मांग


बलदेव राम ने कहा कि आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी से वे संतुष्ट नहीं हैं। शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद पर रहकर इस तरह का कृत्य पूरे समाज के लिए घातक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों में उदाहरणात्मक कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि छोटे लोगों पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन गंभीर अपराधों में सख्ती क्यों नहीं दिखती।


समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी


यह घटना बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था में भरोसे और सामाजिक निगरानी की गंभीर आवश्यकता को उजागर करती है। अब सबकी नजर प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया पर है कि पीड़िता को न्याय, सुरक्षा और उचित सहयोग कितनी तेजी से मिलता है।

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