झारखंड के कोडरमा जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां प्रशासनिक कार्रवाई और कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। विरोध के स्वर इतने तेज हो गए हैं कि ग्रामीणों और अखाड़ा समितियों ने इस बार रामनवमी नहीं मनाने का निर्णय लिया है।
मामला कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड के नावडीह-1 क्षेत्र का है। यहां दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से भड़काऊ भाषा के प्रयोग के विरोध में स्थानीय लोगों में आक्रोश है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा अखाड़ा समितियों के सदस्यों को धारा 107 के तहत नोटिस जारी किए जाने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
इसी मुद्दे को लेकर क्षेत्र के विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्य और ग्रामीण एकजुट हुए और बैठक आयोजित की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस बार रामनवमी का पर्व नहीं मनाया जाएगा। इसके बाद प्रतिनिधियों ने प्रशासन को एक आवेदन सौंपकर अपने फैसले की जानकारी दी।
आवेदन में ग्रामीणों ने कहा है कि हर वर्ष रामनवमी का पर्व पारंपरिक और शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाता रहा है, लेकिन इस बार माहौल बिगड़ गया है। उनका आरोप है कि दूसरे समुदाय की ओर से यह कहा गया कि वे बहुसंख्यक हैं और मंगला जुलूस नहीं निकलने देंगे। इसके बाद पुलिस द्वारा हिंदू समाज के लोगों को 107 का नोटिस थमाया गया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पांच दिन पहले मरकच्चो थाना में मंगला शोभायात्रा निकालने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने प्रशासन से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
वहीं, इस पूरे मामले पर मरकच्चो थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि लोहड़ियो विवाद को देखते हुए एहतियातन मंगला शोभायात्रा की अनुमति नहीं दी गई है।
फिलहाल, इलाके में स्थिति को लेकर प्रशासन सतर्क है और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
