बिहार विधानसभा में मुखिया को हथियार लाइसेंस का मुद्दा गरमाया, सरकार ने दिए 7 दिन में निर्देश के संकेत
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भागलपुर।
जिला मुख्यालय स्थित समीक्षा भवन में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में भागलपुर नगर निगम, सुल्तानगंज एवं नवगछिया नगर परिषद तथा कहलगांव, पीरपैंती, सबौर, अकबरनगर और हबीबपुर नगर पंचायतों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहरी विकास, राजस्व वृद्धि, स्वच्छता, अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
होल्डिंग टैक्स का होगा पुनः सत्यापन
होल्डिंग टैक्स की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नगर निकाय क्षेत्रों में खाली जमीन पर नगर निगम में ₹3, नगर परिषद में ₹2 और नगर पंचायत में ₹1 प्रति वर्ग मीटर वार्षिक टैक्स निर्धारित है। भवनों के लिए मुख्य सड़क और अन्य सड़कों के अनुसार अलग-अलग दरें लागू हैं।
जिलाधिकारी ने सभी भवनों का पुनः सत्यापन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि जिन लोगों का होल्डिंग छूट गया है या गलत असेसमेंट हुआ है, वे स्वयं आकर सुधार करा सकें। टैक्स तहसीलदार को सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाने के निर्देश नगर आयुक्त को दिए गए।
दुकानों के पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि नगर निकाय क्षेत्रों में दुकानों का पंजीकरण और वार्षिक नवीकरण किया जाता है। दुकानों की स्थिति के अनुसार ट्रेड लाइसेंस शुल्क ₹500 से ₹2500 तक निर्धारित है।
भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में लगभग 12 हजार दुकानों के पंजीकरण को गति देने के लिए चेंबर ऑफ कॉमर्स के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सुल्तानगंज, नवगछिया नगर परिषद और सभी नगर पंचायतों को पंजीकरण अभियान तेज़ करने को कहा गया।
स्वच्छ भारत मिशन पर विशेष ज़ोर
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा में निर्देश दिया गया कि घर-घर कचरा संग्रहण के दौरान गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दिया जाए। इसके लिए वार्ड पार्षदों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए सदर अनुमंडल पदाधिकारी को छापेमारी के निर्देश दिए गए।
सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। 20 फरवरी के बाद सड़क किनारे कचरा पाए जाने पर संबंधित दुकानों और प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
सभी फूड वेंडरों को भी डस्टबिन रखने और उस पर दुकान संख्या अंकित करने का निर्देश दिया गया।
फुटपाथ, टोटो और यातायात व्यवस्था
फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों के लिए पीली पट्टी और बाइक व ग्राहकों के लिए लाल पट्टी चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। अतिक्रमण की समीक्षा के दौरान टोटो संचालन के लिए सभी मोड़ों पर क्रॉसिंग लाइन बनाने को कहा गया। दिन में टोटो निर्धारित लेन के भीतर ही चलेंगे।
अन्य योजनाओं की समीक्षा और सख्ती
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत योजना, जलापूर्ति योजना, नाली-गली पक्कीकरण, पार्क निर्माण, शवदाह गृह, समग्र विकास योजना और जल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा की गई। अमृत योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में चार पार्क बनाए जाने की जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने रात्रि 10 बजे के बाद बारात में शोर-शराबा और पटाखों पर रोक लगाने, बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर नियंत्रण और विवाह भवनों को कचरा निष्पादन की स्पष्ट योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बिहार के गया जिले से एक बेहद चिंताजनक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मोबाइल गेम की लत और युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विष्णुपद थाना क्षेत्र के संगम गली में फ्री फायर मोबाइल गेम खेलने से मना करने पर कुछ किशोरों ने एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
मृतक की पहचान अर्जुन मांझी के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री थे। बताया जा रहा है कि अर्जुन मांझी अपने घर के पास मोहल्ले में हो रहे शोर-शराबे से परेशान थे। देर रात कुछ किशोर मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेल रहे थे और काफी हल्ला कर रहे थे। इसी बात को लेकर अर्जुन मांझी ने उन्हें टोका और शांति बनाए रखने को कहा।
लेकिन यह बात किशोरों को इतनी नागवार गुजरी कि वे आपा खो बैठे।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, टोकने के बाद चारों किशोरों ने मिलकर अर्जुन मांझी के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और फिर मारपीट करने लगे। इस दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे वे जमीन पर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही विष्णुपद थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए दोनों आरोपी नाबालिग हैं, जबकि इस घटना में शामिल दो अन्य किशोर फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
विष्णुपद थानाध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण ने बताया कि, “इस तरह की एक गंभीर घटना सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय किशोरों के पास कौन-कौन से मोबाइल थे और वे कितनी देर से गेम खेल रहे थे।
मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अर्जुन मांझी की बड़ी बहू रिंकी देवी ने बताया कि मोहल्ले में ये लड़के अक्सर दिन-रात फ्री फायर गेम खेलते रहते थे। उन्होंने कहा, “कल देर रात मेरे ससुर ने बस इतना कहा था कि शोर मत करो। इसी बात पर चारों लड़कों ने मिलकर उन्हें पीटना शुरू कर दिया। सिर में चोट लगने से उनकी जान चली गई।”
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज और अभिभावकों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। मोबाइल गेम की लत किस कदर खतरनाक रूप ले सकती है, इसका यह दुखद उदाहरण है। अब सवाल यह उठता है कि क्या समय रहते बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया गया, और क्या इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता