भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल परिसर स्थित मैदान में बड़ी संख्या में मृत मिले कौओं की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। जैसे ही भारत सरकार से जांच रिपोर्ट सामने आई, जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर 10 किलोमीटर के दायरे में सेनेटाइजेशन अभियान तेज कर दिया गया है।
घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में विशेष निगरानी शुरू कर दी है। आसपास के सभी पोल्ट्री फार्मों से सैंपल इकट्ठा किए जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संक्रमण अन्य पक्षियों में नहीं फैला है। पशुपालन विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दे रही है और मृत पक्षियों को छूने या खुले में फेंकने से मना किया जा रहा है।
जिला पशुपालन पदाधिकारी, भागलपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि 11 जनवरी को नवगछिया अनुमंडल परिसर में कौवों की असामान्य मौत हुई थी। उस समय अत्यधिक ठंड को इसकी वजह माना गया था। हालांकि, एहतियातन मृत कौवों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। अब भारत सरकार से आई रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि कौवों की मौत बर्ड फ्लू वायरस के कारण ही हुई है।
उन्होंने बताया कि 11 जनवरी को भी प्रभावित इलाके में सेनेटाइजेशन कराया गया था, लेकिन रिपोर्ट की पुष्टि के बाद दोबारा पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज किया जा रहा है। इसके अलावा नवगछिया और आसपास के सभी पोल्ट्री फार्मों में जीरो सर्विलेंस लागू कर दिया गया है। सभी फार्मों से सैंपल लेकर दोबारा जांच के लिए भेजे जाएंगे।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी मृत पक्षी की सूचना तुरंत प्रशासन या पशुपालन विभाग को दें। अफवाहों से बचें और बिना आवश्यकता पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के संपर्क में न आएं। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
