बिहार दिवस के शुभ अवसर पर सहरसा में 22 मार्च 2026 को भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कला संस्कृति विभाग, बिहार सरकार, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन सहरसा के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय प्रेक्षागृह में शाम 5 बजे से आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपरा को उजागर करते हुए बिहार दिवस को उल्लास और उत्साह के साथ मनाना है।

 

सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक चंदन दास की विशेष प्रस्तुति होगी। मधुर गायकी के लिए जाने जाने वाले चंदन दास लगभग 15 वर्षों के अंतराल के बाद सहरसा पहुंचे हैं। उनके आगमन पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने उन्हें सर्किट हाउस में गर्मजोशी से स्वागत करते हुए गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।

 

कला प्रेमियों और संगीत श्रोताओं के लिए यह एक यादगार अवसर होगा। मीडिया से बातचीत में चंदन दास ने कहा कि सहरसा के दर्शक ग़ज़ल को सिर्फ सुनते ही नहीं, बल्कि उसकी गहराई और बारीकियों को भी समझते हैं। उन्होंने बच्चों में संगीत शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सांस्कृतिक सोच परिवार और अभिभावकों से ही विकसित होती है।

 

चंदन दास ने अपने पुराने दौरों की यादें साझा करते हुए बताया कि वे पहले कोसी महोत्सव और उग्रतारा महोत्सव में भी सहरसा आ चुके हैं। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति भी होगी, जिसके बाद उनकी ग़ज़ल प्रस्तुति श्रोताओं का मन मोह लेगी।

 

जिले में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होकर बिहार दिवस की महत्ता को महसूस करें।

 

यह संध्या न केवल कला और संस्कृति का उत्सव है, बल्कि बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव को भी प्रदर्शित करने का अवसर है। कलाकार और श्रोताओं का यह मिलन निश्चित रूप से सहरसा में यादगार अनुभव छोड़ जाएगा।

 

कुल मिलाकर, 22 मार्च की सांस्कृतिक संध्या बिहार दिवस के जश्न को संगीत और कला के रंगों से भर देगी।

 

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