अब दाखिल खारिज सहित जमाबंदी की शिकायतों का तय समय पर समाधान सुनिश्चित होगा। इसके लिए आलाधिकारी अंचल कार्यालयों की जमीनी हकीकत की पड़ताल करेंगे। इसके लिए जिलों के आलाधिकारी प्रत्येक 15-15 दिनों पर अंचल कार्यालय का निरीक्षण करेंगे। इस संबंध में राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी से कहा गया है कि अपने-अपने जिले में अंचलों के निरीक्षण के लिए अधिकारियों का रोस्टर तैयार करें। इसमें एडीएम, एसडीएम और डीसीएलआर को बारी-बारी से जिम्मेदारी मिलेगी। नियमित अंतराल पर अंचल कार्यालय का निरीक्षण करने का कारण अंचल कार्यालयों में दाखिल खारिज, परिमार्जन सहित अन्य राजस्व कार्यों के समाधान में अधिक तेजी लाना है। साथ ही बड़ी संख्या में जमाबंदी में गड़बड़ी की शिकायतों को जल्द से जल्द दूर करना है।
गौर हो कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को दाखिल खारिज और परिमार्जन के मामलों का समाधान तय समय सीमा में नहीं होने की शिकायतें बड़ी संख्या में मिल रही थीं। इसलिए विभाग के निर्देश पर प्रत्येक महीने अंचल कार्यालयों के कामकाज के आधार पर उसकी रैंकिंग जारी की जा रही थी। इस रैंकिंग को जारी करने का मुख्य आधार दाखिल खारिज, परिमार्जन, ऑनलाइन एलपीसी, अतिक्रमण का निबटारा, सार्वजनिक भूमि पर से अतिक्रमण हटाना, अभियान बसेरा आदि का कामकाज होता है। इस रैंकिंग में कुछ अंचल लगातार पिछड़ रहे थे। विभाग की तरफ से लगातार पिछड़ने वाले अंचलों पर कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई थी। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरने के कारण अधिकारियों से निरीक्षण कराने का निर्णय लिया गया है।