भागलपुर के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार की ओर से बाल संरक्षण को लेकर प्रमंडलीय स्तर की गोष्ठी सह संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रशासन, पुलिस और न्यायिक तंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी रही, जहां बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
कार्यक्रम में प्रमंडलीय आयुक्त अवनीश कुमार, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह, बांका के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा और बांका के उप विकास आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा भागलपुर न्यायालय के कई न्यायिक पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।
पटना से पहुंची चाइल्ड लाइन की टीम ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बाल संरक्षण से जुड़े जमीनी अनुभव साझा किए। टीम ने बाल शोषण, बाल तस्करी और बच्चों के अधिकारों के हनन जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और इन पर प्रभावी रोकथाम के उपाय सुझाए।
कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी के अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि बाल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को देने की अपील की गई।
कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम बाल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हुआ, जिससे आने वाले समय में बच्चों की सुरक्षा को और सशक्त बनाया जा सकेगा।
