बिहार के बक्सर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के पांचवें चरण के तहत पहुंचे, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के विकास और कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया। इस दौरान उनके संबोधन में एक अलग ही दृश्य भी देखने को मिला, जब उन्होंने सभा छोड़कर जा रही महिलाओं से सवाल किया।
समृद्धि यात्रा के तहत बक्सर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार एनडीए की सरकार बनी और उसी के बाद बिहार में विकास का दौर शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि उससे पहले राज्य की स्थिति काफी खराब थी और लोग शाम के बाद घर से निकलने में डरते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लगातार विकास कार्यों में जुटी हुई है और कानून का राज स्थापित किया गया है। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय व्यवस्था चरमरा गई थी, लेकिन अब बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है।
संबोधन के दौरान उस समय दिलचस्प स्थिति उत्पन्न हो गई जब कुछ महिलाएं सभा छोड़कर जाने लगीं। इस पर मुख्यमंत्री ने मंच से ही कहा, “कहां भाग रही हैं आप लोग, क्यों जा रही हैं? पूरी बात सुनिए, तभी समझ में आएगा।” उन्होंने इसे फालतू बात बताते हुए महिलाओं से रुककर संबोधन सुनने की अपील की।
वहीं, सभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कई अहम बातें कहीं। उन्होंने बक्सर के केंद्रीय जेल परिसर में स्थित भगवान वामन मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक आस्था का केंद्र है, जहां दूर-दूर से लोग पूजा करने आते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह मंदिर जेल परिसर के भीतर है और पूजा जेल प्रशासन की अनुमति से होती है, लेकिन जल्द ही भगवान वामन “जेल से बाहर आएंगे”।
सम्राट चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में नई सरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगी। सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
