खगड़िया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुतुबपुर में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। रस्मों के बीच अचानक चली गोली से दूल्हे की मौत हो गई, जिसके बाद खुशी का माहौल मातम में बदल गया।
जानकारी के अनुसार, मृतक दूल्हे का नाम **मोहम्मद इरशाद**, पिता **मोहम्मद इबरान** है। उनकी बारात कुतुबपुर से ही आई थी और दुल्हन **रुखसार खातून**, पिता **अमजद आलम** से उनका निकाह होना था। मंच पर दूल्हा-दुल्हन मौजूद थे और रस्में निभाई जा रही थीं कि इसी दौरान कुतुबपुर का ही एक युवक **पल्लू** नामक व्यक्ति हर्ष फायरिंग करने लगा।
पहली गोली चलने के बाद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने फिर से फायरिंग कर दी। दूसरी गोली सीधी दूल्हे के **गले** में जा लगी। आनन-फानन घायल दूल्हे को खगड़िया के बलुआही स्थित **नेक्टर अस्पताल** पहुंचाया गया। वहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए **बेगूसराय रेफर** किया और फिर **पटना** के लिए आगे भेज दिया, लेकिन रास्ते में ही मोहम्मद इरशाद ने दम तोड़ दिया।
दूल्हे के बड़े भाई **मोहम्मद शमशाद** ने बताया कि डब्बा वितरण के बाद निकाह की रस्में चल रही थीं और छुहारा बांटा जा रहा था। तभी पल्लू ने बुलेट लोड कर दोबारा ट्रिगर दबा दिया, जिससे यह हादसा हो गया।
फिलहाल मृतक का पोस्टमार्टम **खगड़िया सदर अस्पताल** में किया जा रहा है। दोनों पक्षों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि सरकार की सख्त पाबंदियों के बावजूद **हर्ष फायरिंग पर रोक** क्यों नहीं लग रही है और कब तक ऐसी शादियाँ मातम में बदलती रहेंगी।
